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Thursday, 25 June 2026

वीरांगना रानी दुर्गावती ने भी मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगल सेना से संघर्ष करते हुए अपना बलिदान दिया था: डॉ. स्थापक


रफीक खान
मध्यप्रदेश के जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस के अवसर पर रानी दुर्गावती शोध संस्थान एवं अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को शहीद स्मारक सभागृह, गोल बाजार में "वीर नारी सम्मान समारोह" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उन वीर नारियों को सम्मानित किया गया, जिनके पति या पुत्र देश की रक्षा करते हुए सीमा पर शहीद हुए हैं। The heroic Queen Durgavati also sacrificed her life while battling the Mughal army to defend the motherland: Dr. Sthapak.

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल (छत्तीसगढ़ एवं मणिपुर) सुश्री अनुसुइया उइके, विशिष्ट अतिथि जबलपुर सांसद आशीष दुबे, मेजर जनरल निश्चय रावत तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. पवन स्थापक द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए रानी दुर्गावती शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ. पवन स्थापक ने बताया कि जबलपुर में 12 तथा पूरे महाकोशल क्षेत्र में 43 ऐसी वीर नारियां हैं, जिनके पति या पुत्र ने भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने भी मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगल सेना से संघर्ष करते हुए अपना बलिदान दिया था, इसलिए उनके बलिदान दिवस पर वीर नारियों का सम्मान अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणादायी है।

दुर्गावती का जीवन आज भी प्रेरणा का स्रोत: अनुसुइया उइके

मुख्य अतिथि पूर्व राजयपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने अपने संबोधन में कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक नीति, सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर उनके जीवन से अनेक महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती शोध संस्थान द्वारा उनके जीवन के विभिन्न आयामों पर किया जा रहा अनुसंधान सराहनीय है तथा बलिदान दिवस पर वीर नारी सम्मान समारोह का आयोजन एक अनुकरणीय पहल है।

वीर नारियों का सम्मान, भारत माता का सम्मान: आशीष दुबे

सांसद आशीष दुबे ने कहा कि वीर नारियों का सम्मान करना भारत माता का सम्मान करने के समान है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत सुखों का त्याग कर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। उनका साहस, समर्पण और त्याग आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।

पूर्व सैनिक परिषद निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका

मेजर जनरल निश्चय रावत ने कहा कि अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद देश के पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और वीर नारियों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके साथ ही परिषद राष्ट्र निर्माण की विभिन्न गतिविधियों में भी सक्रिय योगदान दे रही है।

छंदों में किया वीरांगना रानी दुर्गावती का स्मरण

कार्यक्रम में प्रोफेसर ए.डी.एन. बाजपेयी ने अपने छंदों के माध्यम से वीरांगना रानी दुर्गावती के अदम्य साहस, धैर्य, शौर्य और त्याग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे उपस्थित जनों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का संचालन पीयूष जैन ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. अतुल दुबे ने किया।
इस अवसर पर डॉ. विजय आनंद मरावी, विपिन बिहारी ब्योहार, अखिलेश जैन, ए.बी. श्रीवास्तव, आशीष मिश्रा, श्रीमती अनुपमा स्थापक, कर्नल निगम, बी.पी. तिवारी, राजेश तिवारी, डॉ. आयुष टंडन सहित बड़ी संख्या में वीर नारियों के परिजन, पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।