रफीक खान
मध्य प्रदेश के एक सरकारी जिला अस्पताल में हुए वाक्ये का ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि देखने वाले एक तरह से डर कर रह जाएंगे। वैसे ही सरकारी अस्पतालों की छवि सब कुछ होते हुए भी जरा भी भरोसेमंद नहीं है और इस तरह का बर्ताव तो सरकारी सिस्टम के लिए और भी घातक है। मामला मुरैना की जिला अस्पताल का है, जहां एक मरीज के परिजन ने लगी हुई ग्लूकोस की खत्म हो गई बोतल को अलग करने के लिए गुहार की। एक बार नहीं बीसों बार कहा। मरीज के परिजन युवा ने अपना परिचय भारतीय जनता पार्टी के नेता तथा कृषि मंत्री के करीबी होना भी बताया लेकिन बात और बिगड़ गई। नर्स बुरी तरह भड़क गई और उसने एक थप्पड़ के साथ ग्लूकोज बोतल भी फेक कर दे मारी। हमला भले ही जानलेवा नहीं है लेकिन नर्स का बर्ताव निश्चित तौर पर पूरी सरकारी व्यवस्था के लिए अत्यधिक चिंतनीय है। Young man kept pleading for the removal of the patient's glucose drip; video goes viral on social media.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मुरैना जिला अस्पताल में मरीज के साथ आए अटेंडर वहां की व्यवस्था से परेशान था। वह बोतल बदलने की गुहार लगा रहा था। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही थी। इसके बाद अटेंडर मोबाइल से वीडियो बनाते हुए वहां पहुंचा। उसने पूछा कि मैडम जी बोतल क्यों नहीं बदल रही हैं। अटेंडर की तमाम गौहर से स्टाफ नर्स तमतमा गई। वीडियो बंद करवाने के लिए उसने पहले कैमरे पर हाथ मारे। इसके बाद में अटेंडर को बोतल फेंककर मारी। साथ ही गाली गलौज भी करने लगी। इस दौरान दूसरी नर्स भी उसके पक्ष में आ गए। वहां मौजूद अन्य मरीज के परिजनों का कहना था कि इनका नर्स का व्यवहार गलत है। बताया जा रहा है कि पीड़ित युवक अपने चाचा को लेकर अस्पताल में आया था। वह उल्टी और दस्त से पीड़ित थे। उन्हें स्लाइन चढ़ाया जा रहा था। खत्म होने के बाद बोतल बदलने कोई नहीं आ रहा था। युवक ने नर्स को जब बोतल बदलने को कहा तो वह बोली की इतनी जल्दी है तो सरकारी अस्पताल में इलाज कराओ। यहां इतनी जल्दी नहीं होगी। मामला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ गजेंद्र सिंह तोमर के संज्ञान में आ गया है। उन्होंने दोनों पक्षों की शिकायत मिलने की बात कही है। जबकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को भी नजरअंदाज कर रहे हैं, जो पूरी सच्चाई बयां कर रहा है।
