रफीक खान
मध्य प्रदेश के इंदौर में हींग व्यापारी की कारोबारी 25 वर्षीय बेटी की मौत के बाद पुलिस लगातार परेशान हो रही थी। व्यापारी की पत्नी और बेटा पुलिस को गुमराह कर रहा था। शातिर अपराधियों की तरह कई तरह के दांव चले गए लेकिन पुलिस ने आखिरकार गुत्थी को सुलझा ही लिया। हींग व्यापारी की बेटी की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके भाई और मां ने ही की थी। जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के पीछे बेटी का एक गैर जाति वर्ग के युवक से प्रेम संबंध कारण सामने आया है। Like cunning criminals, they repeatedly misled the police; the post-mortem revealed 13 injury marks, and poison was administered after death.
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि बजरंग नगर निवासी ज्योति कारोबार करती थी। उसका दूसरी जाति के एक युवक से प्रेम संबंध था। परिवार को इस रिश्ते की जानकारी पहले से थी और इसी बात को लेकर घर में लगातार तनाव बना रहता था। जांच में सामने आया कि 2अप्रैल को ज्योति अपने प्रेमी से मिलने के लिए घर से जा रही थी। इसी बात पर घर में विवाद शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि भाई विकास ने गुस्से में ज्योति के साथ मारपीट कर दी। उसका सिर दीवार से दे मारा, जिससे कान के पीछे गंभीर चोट आई। मां भी मारपीट में शामिल थी। युवती के शरीर पर 13 चोट के निशान मिले। इसके बाद ज्योति को जहर भी खिला दिया गया। घटना को सुसाइड का रूप देने की कोशिश की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहरीला पदार्थ नहीं, बल्कि सिर में आई गंभीर चोट आया।पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान सामने आया कि घर के लगभग हर हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन घटना के आसपास के दो से तीन दिन का डीवीआर रिकार्ड गायब था। जांच अधिकारियों को यह भी संदिग्ध लगा कि डीवीआर पर धूल तक नहीं जमी थी, जिससे आशंका हुई कि हाल ही में इससे छेड़छाड़ की गई है। जांच टीम को मृतका के कमरे में वह जहरीला पदार्थ भी लगभग उसी स्थिति में मिला, जैसा घटना वाले दिन बताया गया था। पुलिस ने भाई विकास अग्रवाल और माँ शीतल अग्रवाल से सख़्ती पूछताछ की, जिसमें पूरे मामले का खुलासा हो गया।
