गैर मुसलमानों को शामिल करने वाला पहले प्रदेश, इंदौर से मनोज मालपानी और राघवगढ़ से अनिमेष भार्गव शामिल - khabarupdateindia

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Sunday, 5 July 2026

गैर मुसलमानों को शामिल करने वाला पहले प्रदेश, इंदौर से मनोज मालपानी और राघवगढ़ से अनिमेष भार्गव शामिल


रफीक खान 

मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। मध्य प्रदेश राजपत्र में अधिसूचना जारी कर 10 सदस्यों की पुष्टि हो गई है। देश में पहली बार मध्य प्रदेश में दो गैर मुस्लिमो यानी कि हिंदू मेंबरों को स्थान दिया गया है। इनमें इंदौर से मनोज मालपानी और गुना राघवगढ़ से अनिमेष भार्गव को शामिल किया गया है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल की अध्यक्षता में बोर्ड लगातार काम कर रहा है। कानून परिवर्तन के बाद गैर मुसलमानों की एंट्री और उनकी मौजूदगी से वक्फ बोर्ड की कार्य प्रणाली में क्या बदलाव आएगा? इसके क्या फायदे होंगे या क्या नुकसान होगा? यह वक्त ही बताएगा। The first state to include non-Muslims; Manoj Malpani from Indore and Animesh Bhargava from Raghogarh have joined.

 जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मध्य प्रदेश सरकार का दावा है कि वह वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के प्रावधानों के तहत बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इससे पहले वक्फ अधिनियम-1995 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड के सदस्य केवल मुस्लिम समुदाय से ही होते थे। पुराने नियम के अनुसार, वक्फ बोर्ड के कुछ सदस्यों को राज्य सरकार नामित करती थी, लेकिन उनके लिए भी मुस्लिम होना आवश्यक था। 2025 में कानून में संशोधन के बाद पहली बार यह व्यवस्था में बदलाव किया गया। इसके बाद प्रत्येक राज्य वक्फ बोर्ड में कम-से-कम दो गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे। 

इंदौर के सनवर पटेल को अध्यक्ष बनाया गया है। 

नई दिल्ली की नजमा हेपतुल्ला सदस्य हैं।

भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील सदस्य

उज्जैन के फैजान खान सदस्य

इंदौर की फातेमा चौधरी सदस्य

भोपास के बैरसिया से पार्षद शाइस्ता सुल्तान सदस्य

रतलाम की पार्षद शबाना खान सदस्य

इंदौर के मनोज मालपानी को सदस्य बनाया गया है।

गुना के राघौगढ़ के अनिमेश भार्गव को सदस्य बनाया गया है। आयुक्त पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण को सदस्य बनाया गया है। मध्य प्रदेश राजपत्र में 4 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य शासन ने वक्फ अधिनियम की धारा 13(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह गठन किया है। नजमा हेपतुल्ला का नाम पहले के कार्यकाल के आधार पर शामिल किया गया है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है।