जीवन भर वनस्पति शास्त्र के विशेषज्ञ रहे अब देहदान के बाद जीव विज्ञान को समर्पित IPS अधिकारी के ससुर, राष्ट्र की तरक्की में अहम योगदान - khabarupdateindia

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Sunday, 19 July 2026

जीवन भर वनस्पति शास्त्र के विशेषज्ञ रहे अब देहदान के बाद जीव विज्ञान को समर्पित IPS अधिकारी के ससुर, राष्ट्र की तरक्की में अहम योगदान


रफीक खान
जीवन भर वनस्पति शास्त्र की शिक्षा से अनगिनत विद्यार्थियों को पढ़ाते रहे प्रोफेसर डॉक्टर रविंद्र जैन अब जीव विज्ञान के क्षेत्र में मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए शिक्षा का माध्यम बन गए हैं। जबलपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस उप महानिरीक्षक रहे तुषार कांत विद्यार्थी के ससुर ने मौत के बाद न सिर्फ देहदान का अपना संकल्प पूरा किया बल्कि लंबे समय तक मेडिकल स्टूडेंट्स के करियर बनाने में अहम योगदान देते रहेंगे। किसी भी देश की तरक्की वहां की शिक्षा पर निर्भर करती है और प्रोफेसर रविंद्र जैन ने मौत के बाद भी शिक्षा को ही अपनी देह समर्पित कर दी। ogdaan
A lifelong expert in botany—and father-in-law to an IPS officer—who dedicated himself to biological science even after death through the donation of his body, making a significant contribution to the nation's progress.

13 जुलाई 1943 को जन्मे शहर के वरिष्ठ शिक्षाविद्, वनस्पति विज्ञान (Botany) के प्रख्यात प्राध्यापक एवं समाजसेवी स्वर्गीय डॉ. रविन्द्र जैन का 7 जुलाई 2026 को 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। स्वर्गीय डॉ. जैन ने लंबे समय तक साइंस कॉलेज, जबलपुर में वनस्पति विज्ञान के प्राध्यापक के रूप में अपनी उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान कीं तथा हजारों विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। वे अपने सरल, अनुशासित, विद्वत्तापूर्ण एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व के लिए सदैव स्मरण किए जाएंगे। शिक्षण के साथ-साथ वे समाजसेवा के कार्यों में भी सक्रिय रहते थे और मानवीय मूल्यों के प्रति उनकी गहरी आस्था थी। वे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तुषारकांत विद्यार्थी के पूज्य ससुर तथा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश चौधरी के बहनोई थे। उनकी धर्मपत्नी डॉ. मंजुलता चौधरी, मनोविज्ञान की सेवानिवृत्त प्राध्यापक हैं।स्वर्गीय डॉ. रविन्द्र जैन ने अपने जीवनकाल में धर्म पत्नी तथा तीनों बेटी-दामादों 1-विकास लोहिया (प्रसिद्ध बिजनेस मैन, इंदौर)-भावना लोहिया, 2- तुषार कांत विद्यार्थी (आईपीएस,डीआईजी)- कामना,
3- दीपक व्यास-अनुभूति व्यास (दोनों सॉफ्ट वेयर इंजीनियर, दिल्ली) की मौजूदगी में देहदान का संकल्प लिया था। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज, जबलपुर को चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। उनका दृढ़ विश्वास था कि "मृत्यु जीवन का अंत अवश्य है, किंतु देहदान ज्ञान, सेवा और मानवता की नई शुरुआत है।" उनका यह महान निर्णय मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन का अवसर प्रदान करेगा तथा भविष्य में हजारों मरीजों के बेहतर उपचार में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उनके इस प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय निर्णय की समाज के सभी वर्गों ने सराहना की। उनकी इस महान मानवीय सेवा के सम्मान में मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस विभाग द्वारा उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान कर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई, जो समाज के लिए देहदान के महत्व का प्रेरणादायी संदेश है। स्वर्गीय डॉ. रविन्द्र जैन की शोकसभा एवं तेरहवीं संस्कार का आयोजन 19 जुलाई 2026 (रविवार) प्रातः 10:00 बजे, डी.एन. जैन बोर्डिंग मंदिर, गोलबाजार, जबलपुर में किया गया है।