सिवनी के बाद अब मंडला में सामने आया करोड़पति बाबू, आय से 400% अधिक कमाई आई सामने, जांच अभी भी जारी - khabarupdateindia

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Thursday, 13 August 2026

सिवनी के बाद अब मंडला में सामने आया करोड़पति बाबू, आय से 400% अधिक कमाई आई सामने, जांच अभी भी जारी


रफीक खान
सिर्फ मध्य प्रदेश में नहीं पूरे देश में घूसखोरी निरंतर जारी है। राउंड ओ क्लॉक यानी की 24 घंटे घूसखोर सक्रिय है। लोकायुक्त पुलिस तथा EOW जैसी एजेंसियां गाहे-बगाहे शिकार करती रहती है लेकिन कहीं पर भी और किसी पर भी कोई अंकुश नहीं है। मध्य प्रदेश के सिवनी और मंडला जिले में आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सामने आए चपरासी से बाबू बने करोड़पतियों को देखा जाए तो मालूम पड़ेगा कि कितनी निडरता से इन्होंने कमाई की है। इस बीच लोगों के मन में बड़े सवाल है, अगर बाबू इतनी कमाई कर रहे हैं तो इनकी अफसरों के पास आय से कितने प्रतिशत अधिक प्रॉपर्टी होगी? बाबू करोड़पति है तो अधिकारी कितने ...पति होंगे? After Seoni, a 'crorepati' clerk has now come to light in Mandla; earnings exceeding known income sources by 400% have been revealed, and the investigation is still ongoing.

बहुत सामान्य सी बात है किसी भी सरकारी विभाग में बाबू की भूमिका कार्यालयिन कार्य के संधारण और संचालन के अलावा कुछ नहीं होती है। उसके पास फाइलों को आगे बढ़ने का अधिकार तो है लेकिन निपटाने के लिए अधिकारी ही होते हैं। यह अलग बात है कि कदाचरण अब एक सामान्य शिष्टाचार में तब्दील हो गया है। बाबू कई बार अधिकारियों को पटाने का माध्यम बनते हैं तो ज्यादातर मामलों में डीलिंग सीधे अधिकारी ही करने लगे हैं। इन्हीं स्थितियों के मद्देनजर लोगों के मन में सवाल है कि जब जिन बाबुओं को कोई अधिकार नहीं है और वह इतने मालामाल हैं तो उनके अधिकारियों का हाल क्या होगा? अगर जांच एजेंसियां उन तक भी नजरे इनायत करें तो बेहतर होगा। ऐसा भी नहीं है कि अधिकारी एजेंसियों के टारगेट पर नहीं आते, पर जब छोटे कर्मचारी शिकार होते हैं तो उनसे संबंधित अधिकारियों का घर भी खंगाला जाना चाहिए। सिवनी जिले में पंचायत प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ चपरासी से बाबू बने सुभाष शर्मा की प्रॉपर्टी का साम्राज्य जबलपुर तक फैला हुआ है। तो क्या कार्यालय में यह अकेला ही कमाई कर रहा है? उसे कोई देखने वाला या रोकने वाला नहीं है। या फिर सब एक साथ भ्रष्टाचार में गोते लगा रहे हैं, डूब अकेला सुभाष शर्मा ही गया? लोगों के बिल्कुल सीधे-सीधे सवाल हैं और अगर एजेंसियां जिम्मेदार हैं, गंभीर हैं तो उन्हें निश्चित तौर पर लोगों का विश्वास अर्जित करना चाहिए। मंडला जिले में पश्चिमी वन मंडल कार्यालय में पदस्थ क्लर्क शैतान चौरसिया के आवास पर आर्थिक अपराध अन्वेषण की टीम ने छापा मार कार्रवाई की उनके पास 2 करोड़ 48 लाख की संपत्ति का फिलहाल खुलासा किया गया है। टीम के अनुसार श्वेतअंक चौरसिया ने आय से अधिक 400% ज्यादा कमाई की है। यहां भी वही सवाल है कि इसके अधिकारी क्या कुछ भी देख और समझ पाने के काबिल नहीं है या फिर उनके पास 4000 गुना माल है?