1.20 करोड़ रुपए लेकर किए गए एग्रीमेंट के बावजूद दूसरी पार्टियों से नवाब परिवार कर रहा था सौदा - khabarupdateindia

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Thursday, 13 August 2026

1.20 करोड़ रुपए लेकर किए गए एग्रीमेंट के बावजूद दूसरी पार्टियों से नवाब परिवार कर रहा था सौदा



रफीक खान
 
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के हृदय स्थल पर स्थित जहांगीराबाद की लगभग साढ़े 6 एकड़ जमीन के क्रय-विक्रय पर कोर्ट द्वारा रोक लगाने की बात सामने आई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि उसने नवाब जहांगीराबाद परिवार को करीब 1000 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन एक करोड़ 20 लाख रुपए देकर एग्रीमेंट किया था लेकिन एग्रीमेंट की शर्तों का लगातार उल्लंघन हो रहा है। जमीन को खुर्द बुर्द करने के लिए दूसरी पार्टियों से सौदा किया जा रहा है और वह पार्टियां भी लगातार याचिकाकर्ता पर अनावश्यक दबाव बना रही है। Despite an agreement involving a payment of ₹1.20 crore, the Nawab family was negotiating deals with other parties.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि जबलपुर जहांगीराबाद निवासी शाहबानो खानम सहित अन्य के साथ पांच दिसंबर, 2022 को संपत्ति के विकास व निर्माण संबंधी लिखित अनुबंध गंगानगर कॉलोनी जबलपुर निवासी विनय दुबे के साथ हुआ था। इसके तहत वादी विनय दुबे ने प्रतिवादियों को करीब 1.20 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। निर्माण एवं विकास कार्य से जुड़े अन्य खर्च वहन करने की जिम्मेदारी भी वादी की थी। वादी की ओर से बताया गया कि अनुबंध के पालन के लिए प्रतिवादियों को विधिक नोटिस दिए गए, लेकिन आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। जिला न्यायाधीश राहुल सिंह के न्यायालय ने केवी डेवलपर्स विरुद्ध शाहबानो खानम सहित अन्य मामले में नवाब जहांगीराबाद की करीब 1000 करोड़ रुपये मूल्य की साढ़े छह एकड़ भूमि को खुर्द-बुर्द करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह भूमि तीन पत्ती चौक से यातायात थाने तक के क्षेत्र में स्थित है।अदालत ने नवाब परिवार की वारिसान शाहबानो खानम, उनकी पुत्री शाहनवाज नीलोफर सहित अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। जिला न्यायालय ने प्रतिवादियों को विवादित संपत्ति बेचने, हस्तांतरित करने या उस पर किसी प्रकार का भार सृजित करने से रोक दिया है। यह आदेश छह माह अथवा प्रकरण के निराकरण, जो भी पहले हो, तक प्रभावी रहेगा। परिवादी गंगानगर, गढ़ा निवासी कालोनाइजर व बिल्डर विनय दुबे की अधिवक्ता आशीष मिश्रा, राहुल यादव व शिवाजी सिंह ने पक्ष रखा।