रफीक खान
15 साल की नौकरी में महिला आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या सिंह लगातार विवादों में घिरी रही। कहीं अधिकारी और कर्मचारी से उनकी पटरी नहीं बैठी तो कहीं वह नेता और मंत्रियों से टकराती रही। महिला आईएएस अधिकारियों में विवादों से इतना गहरा नाता बहुत कम देखने में आया है। अब तक के कार्यकाल में उन्हें सिर्फ 8 माह की कलेक्ट्री बा मुश्किल मिल पाई और वह समय भी एक तरह से लड़ाई झगड़े की भेंट चढ़ गया। अब उनके खिलाफ जनजातीय क्षेत्रीय विकास परियोजना के अधिकारी और कर्मचारी सड़क पर उतर आए तथा उन्होंने पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी है। आरोप है कि वह लगातार अभद्रता कर रही हैं, अभद्र भाषा का प्रयोग कर रही हैं, अभद्र व्यवहार के चलते महिला अधिकारी और कर्मचारी तक परेशान हो गए हैं। Female officers and employees distressed by abusive language and behavior; letter sent to CM, appointment sought with Chief Secretary.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि भोपाल में जनजातीय क्षेत्रीय विकास परियोजना (TADP) की संचालक एवं आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या के खिलाफ विभाग के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी सड़क पर उतरे और पेन-डाउन (कलम बंद) हड़ताल शुरू कर दी। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि नेहा मारव्या बैठकों में अभद्र भाषा का प्रयोग करती हैं और महिला अपर संचालकों तक को अपमानित कर बैठक से बाहर निकाल देती हैं। बात-बात पर नोटिस जारी करने, वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने और निलंबित करने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बिना सीधे संबंध वाली प्रक्रियाओं और बेहद कम समय (जैसे 3 घंटे के भीतर) पुरानी जानकारी व माप पुस्तिका उपलब्ध कराने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। आहार अनुदान योजना के तहत आदिवासी महिलाओं की लगभग 30 करोड़ रुपये की राशि रोके जाने और इसके लिए अधिकारियों पर दबाव बनाने का भी मामला सामने आया है। अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर की है तथा मुख्य सचिव से मिलने का समय भी मांगा है। नेहा मारव्या सिंह मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच की सीधी भर्ती (Direct Recruit) वाली अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश में 22 अगस्त 1986 को जन्मी नेहा ने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT Allahabad) से कंप्यूटर साइंस में B.Tech. की डिग्री हासिल की है।चयन: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास कर वे 29 अगस्त 2011 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुईं। आरंभिक प्रतिस्थापना सहायक कलेक्टर (बेतूल), SDO (भोपाल, अशोकनगर और जबलपुर) और जिला पंचायत सीईओ (जबलपुर) के रूप में कार्य किया।मंत्रालय में लंबी पोस्टिंग: वह लंबे समय तक मैदानी (फील्ड) पोस्टिंग से दूर रहीं। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और राजस्व विभाग में उपसचिव (Deputy Secretary) के रूप में कई साल बिताए।कलेक्टर के रूप में पहली पोस्टिंग: जनवरी 2025 में उन्हें डिंडोरी जिले का कलेक्टर बनाया गया था, जो सेवा के करीब 14 साल बाद उनकी पहली जिला कलेक्टर के रूप में फील्ड पोस्टिंग थी।वर्तमान पोस्टिंग मई 2026 में हुई।
