पोलीपाथर स्थित स्कूल में ड्राई आइस के संपर्क में आने से छात्र हुआ चोटिल, ग्वारीघाट पुलिस कर रही जांच - khabarupdateindia

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Saturday, 15 August 2026

पोलीपाथर स्थित स्कूल में ड्राई आइस के संपर्क में आने से छात्र हुआ चोटिल, ग्वारीघाट पुलिस कर रही जांच


रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के पोली पाथर में स्थित सत्य प्रकाश पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर प्रकरण दर्ज होने का मामला सामने आया है। ड्राई आइस के संपर्क में आने से चोटिल होने और उसके बाद कक्षा चौथी के छात्र के साथ स्कूल प्रबंधन के दुर्व्यवहार को लेकर परिजनों द्वारा ग्वारीघाट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस इस प्राथमिकी सूचना के आधार पर जांच पड़ताल में लग गई है। Student injured after coming into contact with dry ice at a school in Polipathar; Gwarighat police are investigating.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि रांझी के मानेगांव निवासी मंजू उपाध्याय का पुत्र सत्य प्रकाश पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। 11 अगस्त को स्कूल में एक आयोजन था। इस दौरान ड्राई आइस के संपर्क में आने से अथर्व की अंगुलियों में चोट आई। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने उसका उपचार कराने के बजाय स्वजन को फोन कर उसे घर भेज दिया। घटना के संबंध में महिला ने 13 अगस्त को स्कूल के डायरेक्टर से शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ग्वारीघाट पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को पत्र भेजककर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया गया। तब महिला ग्वारीघाट थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत को जांच में लिया है। स्कूल प्रबंधन को पत्र भेजकर घटना की विस्तृत जानकारी और रिपोर्ट मांगी है। कहा जाता है कि ड्राय आइस (Dry Ice) कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का ठोस रूप है। सामान्य बर्फ की तरह यह पानी से नहीं बनती, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड गैस को अत्यधिक ठंडा (-78.5°C तापमान) और संपीड़ित करके बनाई जाती है। यह पिघलने पर पानी नहीं बनती, बल्कि सीधे गैस (धुएं) में बदल जाती है। इसका तापमान लगभग -78.5° सेल्सियस होता है, जो सामान्य बर्फ से बहुत कम है।यह ठोस अवस्था से सीधे गैस में परिवर्तित होती है और पीछे कोई तरल अवशेष नहीं छोड़ती। छूने पर यह पानी की तरह गीली महसूस नहीं होती।खाद्य पदार्थों और मेडिकल सप्लाई को लंबे समय तक ठंडा रखने और ट्रांसपोर्ट करने के लिए, फिल्मों की शूटिंग, स्टेज शो और पार्टियों में कोहरे या बादलों जैसा कृत्रिम धुआं पैदा करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।