रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बिजली विभाग के घूसखोरों ने किसान को भी नहीं बख्शा। स्थाई कनेक्शन लगवाने के लिए किए गए आवेदन के बावजूद अस्सिटेंट इंजीनियर और लाइनमैन लगातार भटकाते रहे।₹15000 रिश्वत की मांग की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने दोनों घूसखोरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। Lokayukta police nabbed an Assistant Engineer (AE) and a lineman who were demanding ₹15,000 to provide a permanent electricity connection.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि आवेदक मुकेश कुमार यादव निवासी जमुनिया तहसील कटंगी जिला जबलपुर को अपनी कृषि भूमि में मोटर चलाने हेतु 3 एचपी का स्थाई बिजली कनेक्शन चाहिए था। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदक ने कनिष्ठ /सहायक अभियंता मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड कटंगी, जिला जबलपुर में आवेदन दिया था। 3 एचपी के स्थाई विद्युत कनेक्शन के लिए कटंगी कार्यालय में पदस्थ सहायक अभियंता मनोज कुमार दुबे तथा लाइनमैन धनेश कुमार शुक्ला के द्वारा आवेदक से ₹15000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में की थी। शिकायत सत्यापन के दौरान ही आरोपीगण ₹12000 रिश्वत लेने के लिए तैयार हो गए थे। आरोपियों को आज 17 अगस्त को 12000 रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया ।आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) एवं 61 ( 2) बी एन एस के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। ट्रेप दल में उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक शशि कला मुस्कुले, निरीक्षक जितेंद्र यादव एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल मौजूद था।
