रफीक खान
पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में स्थित तारापीठ मंदिर के पास स्थित एक होटल में सोमवार को भीषण आग लग गई। नाग पंचमी के दिन दर्शन के लिए पहुंचे 7 लोग जिंदा जलकर मौत के शिकार हो गए। यह सभी लोग अपने कमरों में सो रहे थे। करीब दो दर्जन लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के दौरान भारी अफरा तफरी का माहौल बना रहा। रेस्क्यू कर फंसे हुए लोगों को निकाला जा सका।More than two dozen injured people were taken to the hospital; the accident occurred early in the morning, even before the *darshan* (viewing of the deity) could take place.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि बीरभूम के तारापीठ में चार मंजिला होटल के ग्राउंड फ्लोर पर सुबह करीब 5 बजे आग लगी, इस दौरान होटल के अंदर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सो रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। सावन सोमवार के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु तारापीठ मंदिर पहुंचे थे। सोमवार के चलते होटल श्रद्धालुओं से भरा हुआ था। सुबह के वक्त जब वो गहरी नींद में सो रहे थे, उसी वक्त होटल में आग लग गई, जिससे श्रद्धालुओं को भागने का मौका नहीं मिल पाया। 'होटल बिदेशिनी' में सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शार्ट सर्किट होने के बाद आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग और धुएं से पांच मंजिला पूरी इमारत को चपेट में आ गई। कहां जाता है कि उत्तर 24 परगना, मालदा और अलीपुरद्वार से आए कई परिवार इस दर्दनाक घटना का शिकार बने। पुलिस और अग्निशमन दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजे तोड़कर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। मृतकों की समाप्त की कोशिश की जा रही है।
