रफीक खान
मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी प्रशासक मनीषा झा का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो काफी चर्चाओं में है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती के दौरान एक कमरे में गड्डियों से नोटों की गिनती का यह वीडियो और वहां मौजूद लोगों के बीच चल रही बातचीत बहुत सारे सवाल खड़ा कर रही है। एसडीएम से लेकर तहसीलदार तक फाइल चलने और पंचायत विभाग द्वारा अड़ंगा डालने वाले संवाद कई सवाल खड़े कर रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक हड़कंप मचा हुआ है। मामले की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।Allegations of corruption are surfacing regarding the recruitment of Anganwadi workers; there is also talk of the file being processed at the SDM and Tehsildar levels.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि वायरल वीडियो में महिला अधिकारी मनीष झा ₹ पांच-500 के नोटों की गिनती में तल्लीन नजर आ रही हैं। जिस कमरे का यह वीडियो है, वहां मौजूद लोग आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती को लेकर बातचीत कर रहे हैं। वीडियो देखकर समझ में आ रहा है कि पूरा मामला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती से जुड़ा हुआ है। आखिर नोटों की गिनती और नोटों का जखीरा कमरे में क्यों लगा है? सबके बीच महिला अधिकारी नोटों को क्यों गिन रही हैं? महिला एवं बाल विकास विभाग में मूलत: सुपरवाइजर के पद वाली मनीषा झा प्रभारी प्रशासक हैं और इस भर्ती की भी प्रभारी बनाई गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती में कितनी ईमानदारी है? कितनी निष्पक्षता है? वह किसी ईमानदार जांच के बाद ही उजागर हो सकता है। मामला भोपाल तक पहुंचने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इसे गंभीरता से लिया गया है। अब देखना यह है कि वास्तव में सरकारी विभाग तह तक जाने की कोशिश करेगा या फिर मामले को दफन करने में भलाई समझेगा।
