रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर संभाग अंतर्गत समीपवर्ती जिला मंडला के हीरापुर गांव में शनिवार को सुबह करीब 5:00 बजे दर्दनाक हादसा हो गया। यहां गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद समिति के आठ लोग पंडाल में सो रहे थे। सुबह गहरी नींद के दौरान ही पंडाल पर बिजली के तार टूट कर गिर गए, जिससे पूरे पंडाल में करंट फैल गया। घटना में चार लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार गंभीर बताए जा रहे हैं। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। सूचना पाकर पुलिस, जिला प्रशासन तथा बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। क्षेत्र में आक्रोश, दहशत मिश्रित गमगीन माहौल है। Eight members of the committee were asleep following the immersion ceremony; the incident occurred at 5 AM, and teams from the police, administration, and electricity department arrived at the scene.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि हीरापुर की सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति द्वारा स्थापित की गई प्रतिमा का विसर्जन शुक्रवार को किया गया। विसर्जन समारोह के बाद गणेश उत्सव समिति के 8-10 कार्यकर्ता पंडाल में ही सो गए। बारिश का दौर जारी है। सुबह बिजली के खंभे और टीसी कनेक्शन वाले स्थान से तार टूट कर पंडाल पर आ गिरे। किसी को पता भी नहीं चला और बिजली का करंट फैलते ही सभी उसके चपेट में आ गए। जो थोड़ा सूखे और इंसुलेटेड स्थान पर थे, वे मौत का शिकार नहीं हो पाए लेकिन उनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। कल तक जिस गांव में हर्ष उल्लास का माहौल था, शनिवार की सुबह ने वहां मातम की स्थिति निर्मित कर दी है। मरने वालों में जैनू भांवरे (उम्र: 19 वर्ष), रवि झारिया (उम्र: 24 वर्ष), कृष्ण कुमार भांवरे (उम्र: 18 वर्ष), वीरेंद्र भांवरे (उम्र: 24 वर्ष) है। घायलों में प्रियांशु सहित चार शामिल है। उल्लेखनीय है कि जबलपुर में भी धनवंती नगर जसूजा सिटी कॉलोनी में 2 दिन पूर्व बिजली के करंट से 11वीं कक्षा के एक छात्र की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश में अनेक स्थानों पर इस तरह की घटनाएं हुई है। जिम्मेदार विभाग इस सबके बावजूद समय के पूर्व ना कोई निरीक्षण करते हैं और ना ही कोई निगरानी?
