20 साल पहले बच्चों के कंकाल मामले में हुआ था चर्चित, सजा-ए-मौत के बाद अपील में हो गया था बरी - khabarupdateindia

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Friday, 18 September 2026

20 साल पहले बच्चों के कंकाल मामले में हुआ था चर्चित, सजा-ए-मौत के बाद अपील में हो गया था बरी


रफीक खान
देश के बहुचर्चित निठारी कांड में 20 साल पहले चर्चित हुए सुरेंद्र कोली की लाश फांसी के फंदे पर शुक्रवार को लटकी पाई गई। हरिद्वार में एक चाय के टपरे से उसका शव बरामद किया गया। पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि सुरेंद्र कोली ने स्वयं आत्महत्या की या फिर किसी ने उसे फांसी के फंदे पर लटकाया? यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में एक मंदिर के सामने सुरेंद्र कोली चाय का टपरा खोले हुए था।He gained notoriety 20 years ago in a case involving the skeletons of children; after being sentenced to death, he was acquitted on appeal.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि सुरेंद्र कोली लंबे समय जेल में रहा। इसके बाद उसे सजा ए मौत तक सुनाई गई लेकिन वह अपील कोर्ट में चला गया। अपील के दौरान न्यायालय ने उसे बरी कर दिया। इसके बाद वह उत्तराखंड के हरिद्वार में रहने लगा। मूलत: अल्मोड़ा जिले के भिकियासेंड क्षेत्र का रहने वाला सुरेंद्र किसके साथ रहता था? इसका भी अभी खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस को अब तक कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि निठारी कांड सुरेंद्र कोली का नाम दिसंबर 2006 में नोएडा के निठारी इलाके में सामने आए मामले के बाद देशभर में चर्चा में आया था। निठारी स्थित एक मकान के पीछे नाले के आसपास बच्चों के कंकाल और अवशेष मिलने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई थी। उस समय कोली उस मकान में घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था। मकान मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर भी इस मामले में आरोपी बनाए गए थे। निठारी कांड से जुड़े अलग-अलग मामलों में कोली को दोषी ठहराया गया था और कुछ मामलों में उसे मृत्युदंड भी सुनाया गया था। अदालतों में बाद में मिली राहत समय के साथ निठारी मामले से जुड़े कई मुकदमों में कोली को अदालतों से राहत मिली। अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में उसकी दोषसिद्धि और मौत की सजा रद्द करते हुए उसे बरी कर दिया था।