रफीक खान
जम्मू कश्मीर के कठुआ जिला अंतर्गत स्थित सीआईएसएफ के कैंप में आपसी विवाद के चलते एक जवान ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए असिस्टेंट कमांडेंट, एक सब इंस्पेक्टर हवलदार तथा सिपाही को मौत के घाट उतार दिया। मंगलवार की शाम को एक साथ चार चार हत्याओं के बाद न सिर्फ समूचे कैंप बल्कि आसपास के इलाके तक हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। कुछ जवान साथियों के घायल होने की भी खबर है। आरोपी जवान द्वारा डेढ़ सौ राउंड फायर ऑटोमेटिक गन के जरिए किए जाने की बात सामने आ रही है। मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच के भी निर्देश दिए गए हैं। Incident stemming from a mutual dispute; 150 rounds fired from an automatic gun; injured persons rushed to the hospital.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि कठुआ जिले के बसौली क्षेत्र में मस्का इलाके के सिवा पावर प्रोजेक्ट परिसर में सीआईएसएफ का कैंप बना हुआ है। यहां शाम को अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी। बाहर के लोग कुछ समझ पाते, इसके पहले वहां चार लाशें से बिछ चुकी थी। सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने इस वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी अवधेश को क़्विक रिएक्शन टीम में शामिल था। किसी बात पर अपने साथियों से बहस हुई और वह बहस हिंसक वारदात में तब्दील हो गई। मरने वालों में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, हेड कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार शामिल है। जबकि घायलों के नाम सामने नहीं आए हैं। आरोपी अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
