रफीक खान
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में किरनापुर थाने के भीतर प्रताड़ना का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें खाकी फिर दागदार हो गई। पुलिस अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एक सब इंस्पेक्टर सहित चार पुलिस कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। थाने के भीतर एक गर्भवती महिला और उसके पति को कपड़े उतरवा कर बुरी तरह से मारपीट का आरोप लगा है। Summoned to the police station for questioning and tortured to extract a confession; SP constitutes an SIT to investigate.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि पीड़ित कैलाश चौधरी और उनकी पत्नी मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टिमकीटोला के निवासी हैं।पीड़ित महिला का नाम सावित्री चौधरी (उम्र लगभग 30 वर्ष) है। आरोप है कि 21 अगस्त को पोस्ट ऑफिस में हुई ₹50,000 की चोरी के मामले में किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा झूठा नाम लेने पर पुलिस दोनों को बिना किसी ठोस सबूत के थाने ले आई और जुर्म कबूल करवाने के लिए प्रताड़ित किया। घटना के समय कैलाश मवेशी चरा रहे थे और सावित्री घर पर कपड़े सिल रही थीं। एसपी आदित्य मिश्रा द्वारा एसआई दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया गया है। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच के लिए डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। [
