रफीक खान
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिला अंतर्गत पिपरिया में एक बड़ी घटना घटित हो गई। यहां उदयपुरा राजस्व विभाग में पदस्थ एक पटवारी ने संघमित्रा एक्सप्रेस के सामने कूद कर अपनी जान दे दी। ट्रेन से टक्कर के बाद उसका सिर धड़ से अलग हो गया और शरीर तीन टुकड़ों में बट गया। मृतक की शिनाख्त होने के बाद पुलिस जब जांच में जुटी तो उसके दो बेटों के शव पिपरिया रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कार के भीतर चादर से ढके हुए पाए गए। पुलिस जांच में अब तक यह बात सामने नहीं आई है कि पटवारी की पत्नी है या नहीं? अगर है तो घटना के वक्त कहां थी? और इस पूरे घटनाक्रम में उसकी क्या भूमिका रही है? A fog of suspicion: Police are investigating from multiple angles; no information regarding the wife has emerged so far.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मूलत: रायसेन के बाड़ी बरेली निवासी अजय धाकड़ घर से अपने दो बच्चों के साथ कर में सवार होकर निकला था। पुलिस के सामने आए उसके चाचा के बयान से बताया जा रहा है कि अजय धाकड़ 9 साल के बेटे शिवम और 13 साल के शिवाय को मूवी दिखाने के बहाने लेकर आया था। दोनों बच्चों का गला घोट गया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद अजय धाकड़ रेलवे स्टेशन पहुंचा और कार को स्टैंड में पार्क कर दिया। कार की आगे और पीछे वाली सीट के बीच दोनों बच्चों के शव चादर से ढके छोड़कर कार लॉक कर दी गई। संघमित्रा एक्सप्रेस के पिपरिया पहुंचने पर अजय धाकड़ ने उसके सामने छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर जिला पुलिस तथा जीआरपी की टीमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहुंची और उन्होंने जांच शुरू कर दी है। पिपरिया के एसडीओ पुलिस अशीष पवार का कहना है कि बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई? अजय धाकड़ ने आत्महत्या क्यों की? यह अभी जांच के घेरे में ही है। फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट से भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, जो इस घटनाक्रम का खुलासा करने में मददगार साबित होगी। मृतक अजय धाकड़ की पत्नी है या नहीं? इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। पुलिस ने रेलवे स्टेशन से लेकर बाहर तक लगे सीसी कैमरों की फुटेज में देखा है कि अजय धाकड़ कर लॉक कर अकेले ही प्लेटफॉर्म की तरफ दाखिल हुआ है।
