रफीक खान
मध्य प्रदेश में स्थानीय निकायों के अधिकारियों द्वारा सरकारी धन की लूट का बड़ा मामला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI ने पकड़ा। इस गड़बड़झाले की अधिकारियों द्वारा सत्यापन जांच कराई गई और वित्तीय अनीयताओं को सही पाया गया। पूरे मामले की निगरानी अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा की गई। मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर 392 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें 7 को बर्खास्त कर दिया गया है। 135 मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल है। सरकार के बड़े एक्शन से अधिकारियों में खलबली मच गई है। 80 से अधिक ठेकेदारों तथा सप्लायर पर भी कार्रवाई की गई है। Action taken against over 80 contractors and suppliers; AI uncovers siphoning of government funds.
जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि वित्तीय अनियमितताओं की पहचान और निगरानी के लिए तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी सहारा लिया गया। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे के मुताबिक, सरकार का स्पष्ट उद्देश्य जनता के पैसे का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना और योजनाओं का पूरा लाभ नागरिकों तक पहुंचाना है। विभागीय कार्रवाई का दायरा केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं है। वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के विरुद्ध भी कदम उठाए गए हैं। इससे नगरीय निकायों में होने वाले निर्माण कार्यों, खरीद और भुगतान की प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिखाई देता है।
