रफीक खान
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महाधिवक्ता कार्यालय के समीप संचालित दारुल कुरान मदरसे में बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बाल कल्याण समिति तथा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संयुक्त छापामार कार्रवाई की गई। मदरसे से 26 बच्चों का रेस्क्यू करने का दावा किया जा रहा है। इनमें 18 लड़के और 8 लड़कियां शामिल है। मदरसा प्रबंधन पर बच्चों को प्रताड़ित करने, उनके साथ लोहे की रॉड से मारपीट, भूखा रखने, मुर्गा बनाकर दंडित करने तथा लड़कियों के कमरे में ताक-झांक जैसे आरोप लगाए गए हैं। जांच दल पूरे मामले में पड़ताल कर रहा है। eating with an iron rod, starving, forcing into a 'squatting' (murga) punishment position, and peeping into girls' rooms.
छापा मारने पहुंची टीम में कलेक्टर रुचिका चौहान और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके सामने ही तथा उनके द्वारा बच्चों से पूछताछ की गई। भयभीत बच्चों ने मदरसा प्रबंधन पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। बच्चों का कहना था कि छोटी-छोटी गलतियों और बात पर उन्हें सख्त से सख्त सजाओ का सामना करना पड़ता है। मदरसे में पढ़ने वाली शिक्षिका लड़कियों से घर पर झाड़ू, पोछा लगवाने के अलावा बर्तन मांज़ने तथा कपड़े धुलवाने से लेकर टॉयलेट तक साफ करवाती हैं। उनका लड़का अक्सर मदरसे में लड़कियों के कमरे में ताक झांक करता है। इसकी शिकायत कई बार की गई लेकिन सुनवाई नहीं की गई। उल्टा लड़कियों को धमकाया गया। मदरसे को सील कर दिया गया है। जिम्मेदारों को नोटिस जारी किया गया है।सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
