बिना मुंडेर के कुएं से बरामद हुए शव, रावण दहन के दौरान घटना, तलाशते परिजनों को साइकिल से मिला सुराग - khabarupdateindia

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Thursday, 22 October 2026

बिना मुंडेर के कुएं से बरामद हुए शव, रावण दहन के दौरान घटना, तलाशते परिजनों को साइकिल से मिला सुराग


रफीक खान
मध्य प्रदेश के झाबुआ जिला अंतर्गत छुई गांव मैं ऐन दशहरा के दिन नरबलि की खबर से सनसनी व्याप्त है। यहां बिना मुंडेर के एक कुएं से तीन लड़कों के शव बरामद किए गए हैं। नाक, कान, जीभ कटे हुए मिलने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। तीनों बच्चे अपने-अपने परिवार में इकलौते पुत्र थे। पुलिस ने अब तक नरबलि की पुष्टि या किसी तरह का अधिकृत बयान नहीं दिया है लेकिन वह भी हर दृष्टिकोण से जांच में लगी हुई है। पुलिस आरंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा विसरा तथा विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। नाक, कान और जीभ पर चोट तीनों बच्चों में इत्तेफाकन नहीं हो सकती है, इसे लेकर पुलिस भी चल रही है। Bodies recovered from an unfenced well; incident occurred during the Ravan Dahan; family members searching for the victims found a clue via a bicycle.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि ऐन दशहरा के दिन जब चारों तरफ रावण दहन के कार्यक्रम चल रहे थे। इसी बीच 9 से 10 वर्ष आयु वर्ग के तीन बच्चे विवेक चंगोड़, मयंक चौहान और विजय राठौर घूमने के लिए घर से निकले थे। जब काफी देर तक यह बच्चे घर वापस नहीं लौटे तो परिवारजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तलाशते हुए परिवारजन गांव के ही एक बिना मुंडेर के कुएं के पास पहुंचे तो वहां उनकी साइकिल खड़ी हुई थी। साइकिल के आधार पर कुएं में तलाश की गई और तीनों बच्चों के शव वहां से बरामद किए गए। कुएं से बाहर निकाले गए बच्चों के शवों के शरीर पर चोट के निशान देखकर सनसनी फैल गई। बच्चों के कान, नाक और जीभ गायब मिले तो फौरन नरबलि की बात चल पड़ी। नरबलि का शक किस पर है? यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन पुलिस ने कई तांत्रिकों को भी संदेह के दायरे में लिया है। जांच-पड़ताल तथा सघन पूछताछ का दौर जारी है। पुलिस के सामने जहां इस घटना का वास्तविक खुलासा करने की चुनौती है, वहीं नरबलि जैसे आरोप से निजात मिलना भी जरूरी है।