रफीक खान
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को शनिवार के दिन सस्पेंड कर दिया गया। कार्यपालन यंत्री का अपराध यह है कि उन्होंने एक ठेकेदार की पेमेंट ना होने पर बिछाए गए स्टिंग ऑपरेशन के जाल में बड़े ही बुखार अंदाज में यह कह दिया कि वह कभी किसी पर दबाव बनाकर या परेशान कर रिश्वत नहीं लेते हैं। हां, यह जरूर है कि खुशी-खुशी जो देता है, उसे ले लेते हैं। खुशी से अगर कोई कुछ दे रहा है तो उसके लेने में कोई हर्ज नहीं है। कार्यपालन यंत्री ने ठेकेदार के लंबे भुगतान पर स्पष्ट किया कि उनके सामने कोई ऐसी फाइल नहीं आई है, और ना ही उन्होंने किसी मांग के चक्कर में उसे रोका है। इसके बावजूद उनके मुखर अंदाज को लोक सेवा अधिनियम के अंतर्गत कदाचरण मानते हुए सख्त कार्रवाई की गई है।Contractor conducts a sting operation over hurdles in bill payments; action taken after the video goes viral.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सी बी अहिरवार के पास स्टिंग ऑपरेशन के लिए पहुंचे कथित लोगों ने ठेकेदार तोमर के संबंध में चर्चा की। साहब से पूछा गया कि उस ठेकेदार का पेमेंट क्यों रोका गया है? आपका अधिनस्थ स्टाफ पैसे मांग रहा है, जिस पर सफाई देते हुए कार्यपालन यंत्री ने कहा कि वह कभी किसी से जोर जबरदस्ती करके रिश्वत नहीं मांगते हैं। उन्हें बाकायदा तनख्वाह मिलती है। हां यह जरूर है कि अगर कोई खुशी से रिश्वत देता है, कोई उन्हें कोई सामान दे जाएगा तो वह उसे स्वीकार कर लेते हैं। खुशी-खुशी की पेशकश में उन्हें कोई इनकार नहीं रहता है। कार्यपालन यंत्री की यह प्रतिक्रिया उनके करियर के लिए जंजाल बन गई और विभाग ने उन्हें सस्पेंड कर जांच के आदेश दे दिए हैं।
