₹50000 का इनामी सूरज नगर से कैसे भागा? पुलिस ने जुटाया पूरा रूट प्लान, स्पेशल टीमों ने डेरा डाला - khabarupdateindia

खबरे


Tuesday, 6 October 2026

₹50000 का इनामी सूरज नगर से कैसे भागा? पुलिस ने जुटाया पूरा रूट प्लान, स्पेशल टीमों ने डेरा डाला


रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 29 तथा 30 सितंबर की दरमियानी रात में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेत कर निर्शन्स करने वाला वांटेड आरोपी वरुण कुमार वृंदावन में छुपा हुआ है। ₹50000 का इनामी आरोपी लगातार मोबाइल बंद-चालू कर अपनी लोकेशन बदल रहा है। घटनास्थल सूरज नगर से लेकर वृंदावन तक का रूट मैप तैयार कर पुलिस निरंतर उसे पकड़ने की कोशिश में लगी हुई है। पुलिस की विशेष टीम वृंदावन तथा उसके आसपास भी डेरा डाले हुए हैं। वरुण कुमार तथा रडार पर लिए गए उसके नजदीकियों की हर गतिविधि पर पुलिस नजर रख रही है। हालांकि सब सक्रियता के बावजूद पुलिस को अब तक वरुण के गिरेबान तक पहुंचना बहुत मुश्किल साबित हो रहा है।How did the ₹50,000-reward fugitive escape from Suraj Nagar? Police have mapped out the entire escape route, and special teams have set up camp.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि कई जिलों में कलेक्टर तथा मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न बड़े पदों पर रहने वाले राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सूरज नगर में निवास करते थे। उनका एक बेटा सिद्धांत और सिद्ध अग्रवाल अमेरिका में रहता है। राकेश अग्रवाल ने केयर टेकर के रूप में एक सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से घटना के दो दिन पूर्व ही वरुण कुमार को अपने घर पर रखा था। दो दिन के भीतर ही वरुण कुमार उनकी जान का दुश्मन बन गया। घटना के उपरांत जब क्लोज सर्किट कैमरों की तलाश की गई तो मिले फोटोस हर किसी को चौंकाने वाले हैं। आधी रात को सूरज नगर से वरुण कुमार जिस तरह से भाग रहा है, यह बात पूरी तरह साबित करता है कि वह हत्या जैसी संगीन वारदात में प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ था। हालांकि हत्या की पूरी गुत्थी वरुण कुमार के मिलने और उससे पूछताछ के बाद ही सुलझ पाएगी। पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की लेकिन केयरटेकर को प्रोवाइड करने वाले वर्मा एजेंसी के संचालक नहीं मिले। पुलिस ने अब तक फ्रॉड मामले में राकेश अग्रवाल की FIR पर जेल भिजवाए गए अजीत पाटनी से भी पूछताछ नहीं की है। इस बीच यह जरूर है कि पुलिस ने केयरटेकर वरुण कुमार का सूरज नगर से भागने के बाद का रूट मैप तैयार कर लिया है। ऐसा बताया जाता है कि सूरजनगर से वारदात की रात (30 सितंबर) को तड़के करीब 2:40 बजे आरोपी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के घर से वरुण कुमार निकला। वह घर से करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर भदभदा चौराहा पहुंचा। वहां से उसने एक ऑटो लिया। इसके बाद ऑटो से वह भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वह तड़के करीब 3:55 बजे स्टेशन से दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेन में सवार हुआ। ट्रेन से वह सीधे आगरा पहुंचा। आगरा पहुंचकर उसने पकड़े जाने के डर से मृत अधिकारी राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने एक परिचित को सौंप दिया।आगरा से वह लगातार पैसेंजर/यात्री वाहनों और बाइक का इस्तेमाल कर आगरा-वृंदावन मार्ग पर आगे बढ़ा। उसकी आखिरी पुख्ता लोकेशन वृंदावन के आसपास ही ट्रेस की गई है, जहां वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। इतनी कमाई के बाद पुलिस ने अपनी विशेष टीमों को राउंड ओ क्लॉक निगरानी के लिए तैनात कर दिया है। वृंदावन तथा आसपास के किसी भी हिस्से से सटीक लोकेशन मिलने के बाद चंद ही मिनट में वरुण कुमार दबोच लिया जाएगा।