नागपुर के पते से बने पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज जांच के घेरे में, अधारताल पुलिस जुटी पड़ताल में - khabarupdateindia

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Thursday, 15 October 2026

नागपुर के पते से बने पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज जांच के घेरे में, अधारताल पुलिस जुटी पड़ताल में


रफीक खान
जबलपुर अधारताल इलाके के मोहम्मद शमीम कबाड़ी को पुलिस ने गुरुवार को सुबह गिरफ्तार कर लिया। अधारताल पुलिस द्वारा शमीम को हिरासत में लेने के बाद सघन पूछताछ की जा रही है। यह पूरा मामला खजरी खिरिया बाईपास स्थित रजा मेटल नमक कबाड़ गोदाम में हुए बम धमाके से जुड़ा हुआ है। हाल ही में हाई कोर्ट द्वारा इस मामले में अधारताल पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक FIR को रद्द किया गया था। हाई कोर्ट में प्रस्तुत किए गए तथ्यों के बाद से जबलपुर पुलिस की नींद हराम हो गई थी। पुलिस ने काफी टीम वर्क के साथ सबूतों को एकत्र किया। पूरे मामले की विस्तृत जांच पड़ताल की जा रही है।Passports and other documents issued using a Nagpur address are under scrutiny; Adhartal police have launched an investigation.

गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2024 को खजरी खिरिया स्थित रजा मेटल इंडस्ट्रीज के स्क्रैप यार्ड में एक के बाद एक कई धमाके हुए थे। इस घटना में भोलाराम भूमिया और मोहम्मद खलील की मौत हो गई थी, जबकि कुछ अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस जांच के अलावा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री प्रबंधन, रक्षा संस्थानो के विशेषज्ञों तथा भारत सरकार के गृह मंत्रालय व इंटेलिजेंस ब्यूरो ने भी यार्ड का निरीक्षण किया था। उस समय की जांच पड़ताल में लॉन्ग प्रूफ रेंज खमरिया से लाया गया डिमोलिश किया गया गोला बारूद सामग्री भी मौके पर मौजूद होना रेखांकित किया गया था। जिन भी परिस्थितियों में धमाके हुए और घटना हुई उस पर खबरें नेशनल मीडिया में खूब सुर्खियों में रही। इसके बाद पूरे घटनाक्रम में एक नया मोड़ आया। मोहम्मद शमीम ने वकील सुनील कुमार पांडे के माध्यम से तमाम तरह के तथ्य हाई कोर्ट में प्रस्तुत किए। हाई कोर्ट के जस्टिस हिमांशु जोशी द्वारा इस याचिका का निराकरण करते हुए आदेश पारित किया कि जब मोहम्मद शमीम 5 साल से जबलपुर की बजाय नागपुर में रह रहा है। रजा मेटल उसके बेटे मोहम्मद फहीम की है और मोहम्मद शमीम का उससे कोई लेना देना नहीं है, तब फिर इस मामले में उसके खिलाफ FIR क्यों हुई है? याचिकाकर्ता के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 304, 120-B और 212 अथवा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धाराओं 3 और 5 के आवश्यक मूलभूत तत्व सामने नहीं आते हैं। इसी तरह के आधारों पर FIR रद्द कर दी गई थी। अधारताल पुलिस को इस संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई और इस इनपुट पर पुलिस ने वर्कआउट किया। तत्पश्चात दस्तावेजों को जुटा कर एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। शमीम कबाड़ी को इस मामले में हिरासत में लिया है और पूछताछ तथा विस्तृत जांच के बाद और खुलासे की संभावना की जा रही है।