रफीक खान
सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में अश्लील कृत्य करने के आरोप में बांग्लादेशी एक विवाहित जोड़े को मौत की सजा दे दी गई। फांसी के फंदे पर लटका कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया गया। आमतौर पर शरिया कानून के तहत सऊदी अरब में सिर कलम करने या फिर फायरिंग से सजा ए मौत देने की परंपरा है। Punishments are administered under Sharia law; reports indicate the use of execution by hanging, beheading, or firing squad.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि बांग्लादेश के रहने वाले नज़रुल इस्लाम अब्दुल बशीर तथा उसकी पत्नी सिती अख्तर पर पवित्र शहर मक्का की एक मस्जिद में अश्लील हरकत करने का आरोप लगा। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। जांच चली और इसके बाद सक्षम न्यायालय में केस की सुनवाई हुई। अदालत द्वारा दोनों को सजा ए मौत सुनाई जाने के बाद 14 अक्टूबर को फांसी दिए जाने की बात सामने आई है। दोनों को फांसी के फंदे पर लटका कर मौत की सजा देने की खबरें ही ज्यादातर मीडिया रिपोर्ट्स में है। सऊदी सरकार द्वारा दोनों को सजा मौत दिए जाने के संबंध में सिर्फ नाम और संक्षिप्त आरोप जारी किया है। इसके अलावा उनकी आयु, मक्का शहर में क्या काम करते थे? जैसी कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
